गर्मी के मौसम में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने कमर कस ली है। इसी क्रम में विद्युत वितरण खंड बिजनौर के अधिशासी अभियंता उदय प्रताप ने 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र झालू का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने तकनीकी बारीकियों की जांच की और कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता ने पावर ट्रांसफार्मर के ऑयल लेवल, अर्थिंग सिस्टम और ब्रेकरों की ट्रिपिंग प्रक्रिया को बारीकी से परखा। उन्होंने उपकेंद्र के रखरखाव रजिस्टर का अवलोकन किया और फीडर की स्थिति जानी। उदय प्रताप ने बताया कि गर्मी के दौरान लोड बढ़ने पर अक्सर ट्रिपिंग की समस्या आती है, जिसे रोकने के लिए सभी सुरक्षा उपकरणों का सही होना अनिवार्य है। जांच के दौरान सभी तकनीकी मानक सही पाए गए।
अधिशासी अभियंता ने न केवल तकनीकी निरीक्षण किया, बल्कि उपभोक्ताओं से संवाद भी किया। उन्होंने स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं के मन में व्याप्त भ्रांतियों और शिकायतों का मौके पर ही निराकरण किया। उन्होंने उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली समझाते हुए बताया कि यह तकनीक पारदर्शिता और सटीक बिलिंग के लिए कितनी महत्वपूर्ण है।
निरीक्षण के दौरान मुख्य रूप से विधुत उपखण्ड अधिकारी द्वितीस अरविन्द कुमार बिंद, सहायक अभियंता मीटर चंद्रजीत व टीजी द्वितीय अमित कुमार व निशांत कुमार उपस्थित रहे।
अधिशासी अभियंता उदय प्रताप ने बताया कि गर्मी के मौसम में बिजली की मांग बढ़ जाती है। उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति मिले और तकनीकी खराबी के कारण लंबे समय तक बिजली गुल न रहे, इसी उद्देश्य से आज ट्रिपिंग सिस्टम और ट्रांसफार्मर की जांच की गई है।
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