हीमपुर दीपा क्षेत्र के ग्राम अजुपुरा जट्ट में मंगलवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब खेतों में काम कर रहे दो किसानों पर गुलदार ने अचानक हमला कर उन्हें लहूलुहान कर दिया। ग्रामीणों के शोर मचाने पर गुलदार गन्ने के खेत में भाग निकला। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए तुरंत पिंजरा लगाने की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह करीब 10:00 बजे ग्राम अजुपुरा जट्ट निवासी मोनू (30 वर्ष) पुत्र सत्यवीर और संदीप पुत्र धर्मवीर उर्म लगभग 35 बर्ष अपने खेतों में कार्य कर रहे थे। इसी दौरान गन्ने के खेत में घात लगाकर बैठे गुलदार ने उन पर अचानक हमला बोल दिया। गुलदार के हमले में दोनों किसान गंभीर रूप से घायल हो गए और लहूलुहान हो गए।
किसानों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे अन्य किसान लाठी-डंडे लेकर मौके की ओर दौड़े। किसानों की भारी भीड़ को अपनी ओर आता देख गुलदार गन्ने के झुरमुट में ओझल हो गया। ग्रामीणों ने आनन-फानन में घायल मोनू और संदीप को उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल भिजवाया जहाँ उनकी हालत में सुधार है|
ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में गुलदार का आतंक नया नहीं है। अभी कुछ दिन पूर्व ही विकास दीप की पशुशाला में घुसकर गुलदार ने एक गाय को बुरी तरह जख्मी कर दिया था। बार-बार हो रही इन घटनाओं से क्षेत्र के किसानों में दहशत का माहौल है और वे अपने खेतों पर जाने से कतरा रहे हैं।
घटना की सूचना मिलते ही मौके पर भारी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए। जतिन कुमार,आदेश सिंह,गुड्डू,चमन धीमान,विवेक,नितिन कुमार,जितेंद्र मिस्त्री और राजेश सिंह आदि किसानों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर कड़ा रोष व्यक्त किया। गुलदार पिछले कई दिनों से गांव के आसपास देखा जा रहा है। किसानों का कहना है कि हम मांग करते हैं कि जंगल में तुरंत पिंजरा लगाया जाए ताकि किसी की व्यक्ति की जान का कोई नुकसान न हो और समय रहते इस गुलदार को पकड़ा जा सके। फिलहाल ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि यदि जल्द ही गुलदार को पकड़ने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
