जलीलपुर गांव में रविवार सुबह एक गरीब मजदूर के आशियाने पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। अचानक लगी भीषण आग ने न केवल मजदूर के सिर से छत छीन ली बल्कि घर में रखा लाखों रु का सामान और एक भैंस भी आग की भेंट चढ़ गई। इस हृदयविदारक घटना से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जलीलपुर निवासी जग्गन सिंह पुत्र बसंता जलीलपुर छेत्र के बाजारों में ठेली लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता है। रविवार सुबह जग्गन अपने परिवार के साथ खेतों में गेहूं की कटाई करने गया था। घर पर उसकी पत्नी ओमवती मौजूद थी। सुबह करीब 11:00 बजे अचानक छप्पर से बने आशियाने से आग की लपटें उठने लगीं।
देखते ही देखते आग ने इतना विकराल रूप धारण कर लिया कि पास ही स्थित पशुशाला को भी अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें और धुएं का गुब्बार देख ग्रामीण भारी संख्या में मौके पर जमा हो गए। ग्रामीणों ने निजी संसाधनों से आग बुझाने का अथक प्रयास किया,लेकिन आग की तीव्रता के आगे सब बेबस नजर आए।
इस भीषण अग्निकांड में पशुशाला में बंधी एक भैंस बुरी तरह झुलस गई,जिसकी मौके पर ही मौत हो गई। ग्रामीणों के अनुसार भैंस काफी कीमती थी। इसके अलावा घर में रखी मुर्गियां और घर का सारा राशन,कपड़े व नकदी समेत लाखों का सामान जलकर राख हो गया तथा सब कुछ खत्म हो गया। मेहनत की कमाई से जो कुछ जोड़ा था वह आंखों के सामने राख हो गया|
ग्रामीणों ने घटना की सूचना तत्काल जलीलपुर पुलिस चौकी,डायल 112 और फायर ब्रिगेड को दी। सूचना मिलने पर जब तक राहत दल पहुंचता,तब तक मजदूर का सब कुछ आग में जलकर राख हो चुका था। ग्रामीणों और पीड़ित परिवार ने शासन-प्रशासन से गुहार लगाई है कि गरीब मजदूर की स्थिति को देखते हुए उसे जल्द से जल्द उचित आर्थिक सहायता और मुआवजा प्रदान किया जाए।
