प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम सब्दलपुर निवासी रुखसाना पत्नी मोहम्मद यामीन शनिवार दोपहर गांव के पास स्थित जंगल में पशुओं के लिए चारा लेने गई थी। रुखसाना जब चारा काट रही थी तभी झाड़ियों में घात लगाकर बैठे एक गुलदार ने उस पर अचानक हमला कर दिया।
गुलदार के हमले से रुखसाना लहूलुहान हो गई लेकिन उसने अपनी हिम्मत नहीं हारी और अपनी जान बचाने के उद्देश्य से रुखसाना ने हाथ में मौजूद दरांती लेकर गुलदार से भिड़ गई। महिला के विरोध और शोर मचाने की आवाज सुनकर पास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीण मौके की ओर दौड़े। ग्रामीणों को अपनी ओर आता देख और महिला के कड़े प्रतिरोध के बाद गुलदार जंगल की ओर भाग निकला। महिला के साहस और वीरता के सामने गुलदार अपने घुटने टेकने को मजबूर हो गया और वहां से भाग खड़ा हुआ|
घायल रुखसाना को आनन-फानन में गांव के ही एक निजी चिकित्सक के पास ले जाया गया,जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। इस घटना के बाद से पूरे गांव में दहशत व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले एक माह से गुलदार को लगातार इस क्षेत्र में देखा जा रहा है,जिससे लोग अपने खेतों पर जाने से भी कतरा रहे हैं।
घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ रोष व्यक्त है,ग्रामीण यासीन,यामीन,नदीम,शमीम अहमद,सलीम,शाहरुख,चमन लाल,उमेश,दिलशाद और साजिद आदि ग्रामीणों नेवन बिभाग से गॉव के जंगल में गुलदार को पकड़ने के लिए पिजरा लगाने की मांग की है| ताकि गुलदार के पकडे जाने के बाद ग्रामीण बेखौफ होकर खेतों में काम कर सकें।
