जानकारी के अनुसारबिजनौर से झालू रोड पर जोधुवाला गांव के सामने स्थित एक आम के बाग में दोपहर के समय बच्चे खेलने गए हुए थे। बाग के किनारे मिल की गर्म राख पड़ी थी। अचानक से खेलते समय बच्चों को इस बात का अंदाजा नहीं था कि ऊपर से ठंडी दिखने वाली राख अंदर से धधक रही है। जैसे ही खेलते खेलते बच्चे के पैर इस गर्म राख के ढेर पर पड़े,वे उसमें धंसते चले गए और बुरी तरह झुलस गए।
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहगीरों और ग्रामीणों की मदद से बच्चों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों के अनुसार बच्चों के पैर और शरीर के निचले हिस्से काफी तक जल चुके हैं। फिलहाल सभी का उपचार किया जा रहा है|
घटना की सूचना मिलते ही थाना कोतवाली शहर पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुँची और दमकल विभाग की गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर गर्म राख को ठंडा किया ताकि आगे कोई और हादसा न हो। वही पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि यह गर्म राख किस मिल की है और उसे बिना सुरक्षा मानकों के खुले में बाग के पास किसके द्वारा डाला जा रहा है|
इस घटना से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ है। चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर कौन सी मिल चोरी-छिपे आबादी वाले क्षेत्र के पास इस तरह जानलेवा राख डाल रही है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्याही अमल में लाई जाएगी।
