प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव महमसापुर निवासी सोनू सोमवार सुबह अपने खेत में चारा काट रहा था। इसी दौरान उसकी नजर खेत में बैठे गुलदार के एक शावक पर पड़ी। शावक को देखते ही उसने आसपास खेतों में काम कर रहे किसानों को सूचना दी। देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई।
सूचना पर राजगढ़ वन रेंज के डिप्टी रेंजर महिपाल सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। किसानों ने वन विभाग के अधिकारियों को बताया कि दो दिन पूर्व भी इसी क्षेत्र में गुलदार का एक जोड़ा देखा गया था। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि शावक के आसपास उसकी मां भी मौजूद हो सकती है,जिससे किसानों और ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है।
ग्रामीणों ने वन विभाग से शीघ्र पिंजरा लगाकर गुलदार को सुरक्षित पकड़ने तथा क्षेत्र में लगातार गश्त करने की मांग की। किसानों का कहना है कि खेतों में खेती-बाड़ी और पशुओं के लिए चारा लाने जाने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है।
डिप्टी रेंजर महिपाल सिंह ने किसानों को बताया कि संबंधित क्षेत्र सामाजिक वानिकी विभाग के अधीन आता है। वहीं सामाजिक वानिकी विभाग के वन दरोगा विकास कुमार ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि क्षेत्र में जल्द ही पिंजरा लगाया जाएगा तथा वन विभाग की टीम लगातार निगरानी बनाए रखेगी।
घटना के बाद गांव महमसापुर सहित आसपास के क्षेत्रों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने बच्चों और पशुओं को अकेले खेतों की ओर न भेजने का निर्णय लिया है तथा वन विभाग से शीघ्र प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।
