हीमपुर दीपा। मानवता और साहस की अद्भुत मिसाल पेश करते हुए गंगा में डूब रहे एक युवक को बचाने के प्रयास में एक युवक ने अपनी जान गंवा दी। यह हृदयविदारक घटना शुक्रतीर्थ (शुक्रताल) में आयोजित सतगुरु समनदास महाराज के विशाल सत्संग एवं भंडारे के दौरान हुई। युवक की मौत की सूचना मिलते ही उसके पैतृक गांव फतेहपुर कला में शोक की लहर दौड़ गई,जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार हीमपुर दीपा थाना क्षेत्र के गांव फतेहपुर कला से कई श्रद्धालु शुक्रतीर्थ में आयोजित सत्संग एवं भंडारे में शामिल होने गए थे। इसी दौरान गांव निवासी मनीष पुत्र नरेश गंगा में स्नान करने लगा। स्नान करते समय वह अचानक गहरे पानी में पहुंच गया और तेज बहाव में डूबने लगा। मनीष को डूबता देख गांव निवासी राजन पुत्र बाबूराम बिना अपनी जान की परवाह किए उसे बचाने के लिए तत्काल गंगा में कूद पड़ा।
बताया जाता है कि गंगा का तेज बहाव होने के कारण दोनों युवक पानी में फंस गए। मौके पर मौजूद लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों को बाहर निकाला और तत्काल उपचार के लिए भौपा स्थित अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में चिकित्सकों ने राजन का उपचार शुरू किया,लेकिन उसकी हालत गंभीर होने के कारण उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं मनीष की हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है और उसका उपचार जारी है।
राजन की मौत की खबर मिलते ही उसके परिवार में कोहराम मच गया। सोमवार को उसका शव पैतृक गांव फतेहपुर कला पहुंचा तो पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। बाद में गंगा घाट दारानगर गंज पर राजन का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
बताया गया कि राजन अपने चार भाइयों में तीसरे नंबर का था। गांव के लोगों ने राजन के साहस और मानवता की भावना को नमन करते हुए कहा कि उसने दूसरे की जान बचाने के लिए अपने प्राणों की आहुति देकर एक अमिट उदाहरण प्रस्तुत किया है।
