मुख्य वक्ता वरिष्ठ पत्रकार/ साहित्यकार डॉ पंकज भारद्वाज ने कहा कि भले ही ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के संस्थापक स्वर्गीय बाबू बालेश्वर लाल जी आज हमारे बीच नहीं है लेकिन ग्रामीण पत्रकारों ने उनकी लोग को बुझने नहीं दिया बल्कि अखंड ज्योति जलाकर आगे बढ़ रहे हैं। स्वर्गीय बाबू बालेश्वर लाल हम सभी के प्रतिबिंब हैं। उन्होंने कहा कि देश की आबादी का 65% भाग ग्रामीण अंचल में बसा है वास्तव में ग्रामीण पत्रकार खबरों का स्रोत है जो अपनी विशेष भूमिका निभाकर जनहित में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने पत्रकारों से सत्यता को परख कर ही खबर प्रकाशित करने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया पत्रकार को कलम चलाते समय सत्य निष्ठा एवं निष्पक्षता का ध्यान रखना चाहिए।
सदर तहसीलदार बिजनौर ने कहा कि वास्तव में आज पत्रकारिता का स्वरूप बदला है। पत्रकारों को प्रिंट मीडिया से सीखने की आवश्यकता है। उन्होंने कब,क्यों और कैसे? इन तीन महत्वपूर्ण बिंदुओं पर इन तीन महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा करते हुए पत्रकारों से जनहितकारी पत्रकारिता करने पर विशेष जोर दिया।
संगठन के प्रदेश महामंत्री डॉ नरेश पाल सिंह ने संस्थापक स्वर्गीय बाबू बालेश्वर लाल के कृतित्व और चरित्र पर विस्तृत प्रकाश डाला। कहा कि 1982 में लगाया गया यह पौधा अब बट वृक्ष बन गया है। जो उत्तर प्रदेश में प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ सिंह तथा अब तक देश के 11 प्रांतों में राष्ट्रीय अध्यक्ष देवी प्रसाद गुप्ता के कुशल नेतृत्व में पकड़ बना चुका है। ग्रामीण पत्रकार संगठन देश का सबसे बड़ा संगठन है।
कार्यक्रम में अवनीश शर्मा,ब्रजेश चंद शर्मा,डा० राहुल चौधरी,डॉ आलम फरीदी,धर्मेंद्र सिंह,फिरोज आलम,कौशल शर्मा,कामेंद्र चौधरी,नीरज शर्मा,लवलेश कुमार राए,कमल सिंह,रोहित कुमार,इंदर सिंह चौहान,ऋषि त्यागी,शेर सिंह,नसीम सैफी,विजेंद्र शर्मा,विनीत चौधरी,मन्नान सैफी,धर्मवीर सिंह,मूलचंद चौधरी,अतुल गांधी,पवन चौधरी,नरेश फौजी,रामरतन,विकास अग्रवाल,विजेंद्र शर्मा,अनुज चौधरी,राजू अग्रवाल,मनोज शर्मा,परम सिंह बब्लू चोहान,भोनेन्द्र,आदि सहित बड़ी सैकड़ो की संख्या मे पत्रकारों की मौजूदगी रही।

