प्राप्त विवरण के अनुसार मोहल्ला छापेग्रान निवासी विपिन कुमार अपनी पत्नी भावना को शनिवार को सामान्य स्वास्थ्य जांच के लिए एक निजी नर्सिंग होम लेकर गए थे। भावना सात माह की गर्भवती थी और उसकी शादी को अभी मात्र एक वर्ष ही हुआ था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे भर्ती कर लिया और ड्रिप लगानी शुरू कर दी थी|
परिजनों ने बताया कि शनिवार शाम करीब 6 बजे भावना की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। देखते ही देखते उसका पूरा शरीर नीला पड़ गया और उसकी व गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। आक्रोशित परिजनों ने शव को अस्पताल में ही रखकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
हंगामे की सूचना मिलने पर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे कस्बा इंचार्ज अशोक मलिक ने आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। परिजनों का सीधा आरोप है कि गलत उपचार व लापरवाही के कारण भावना और उसके बच्चे की जान गई है। घटना के बाद से अस्पताल परिसर में तनाव का माहौल बना गया|
पुलिस ने वैधानिक कार्यवाही करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वही दूसरी ओर सूत्रों के अनुसार कुछ स्थानीय प्रभावशाली लोग मामले को रफा-दफा करने के लिए दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने की भी कोशिशों में जुटे रहे।
